थाना सुहेला

     आज से लगभग 350 वर्ष पूर्व ग्राम सूहेला मे मराठो का शासन था उस समय ठाकूर परिवार के पूर्वज ठाकूर होलकर सिंह जी पांच गांव के मालगूजार थे उस समय सूहेला गांव मे करीब 100 परिवार निवास करते थे जिसमे कूर्मी, तेली, नाई, रावत,गडरिया धेाबी ,सतनामी ब्राम्‍हण्‍ आदि जाति के लोग रहा करते थे यहा मालगूजार परिवार के अन्तिम मालगूजार ठाकूर जोध्‍ku सिह थे आजादी के साथ मालगूजार प्रथा समाप्‍त कर दि गई, आज भी इस गाव मे ठाकूर परिवार के लोग निवास करते है 

     ठाकूर होलकर सिह ने सूहेला मे ही लोक कल्‍याणार्थ्‍ मॉ खल्‍लारी का एक वि‍शाल मंदिर बंजारी नाला के किनारे निर्मित कराया जहां तब से ही प्रति वर्ष्‍ चौत पूण्मिा मे मेला लगने की गौरवशाली परम्‍परा चली आ रही है अब यहां अन्‍य जाति के लोगों व्‍दारा भी 10 पृथक-पृथक मंदिर निर्मित कराया गया हैा

     ग्राम सूहेला , सिमगा –बलौदाबाजार के मार्ग पर स्थित हैा इस गांव की भाटापारा तथा हथबंद रेल्‍वे स्‍टेशन से दूरी क्रमशः 14-14 कि.मी है अंचल के सभी प्रमुख नगरों से सडक मार्ग से जुडा है। वर्तमान में इस गांव की आबादी लगभग 3000 हजार है यहां सीमेंट कंपनियां ग्रासीम 10 किलोमीटर दुर एवं एल एण्ड टी सिमेंट कंपनी 07 किलोमीटर दुरी पर स्थित है औघोगिक गतिविधियों की वजह से सुहेला अब धीरे धीरे व्यापारिक स्थल बनते जा रहा है इस गांव में 1953 से प्राथमिक शाला है गांव वालों के वित्तिय और शारिरिक सहयोग से अब यहां हाईस्कूल भवन भी निर्मित हो गया है पूर्व मंे यह ग्राम थाना नेवरा में आता था सन 1994 में इस ग्राम को भाटापारा ग्रामीण थाना के अधीन कर दिया गया था इस गांव मंे लघु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना सन 1985 मे हुआ और अब यह एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा पा चुका है सुहेला मे दो बैकों की स्थापना हुई है। जिसमें जिला सहकारी बैंक सन 1990में तथा इलाहाबाद बैंक 1987 में स्थापित हुआ है।

     यहां पर दो सीमेंट संयंत्रो में उत्पाद सन 1993 से शुरू हों चुका है संयंत्रो के निर्माण हो जाने से बाहरी व्यक्तियों का काफी बढोत्तरी हुई है। संयंत्रो में श्रमिको का संगठन निर्मित हुआ है जिसके कारण यहां पर बीच बीच मे धरना प्रदर्शन होने लगा है, जिसके कारण यहां पर बार बार कानून व्यवस्था निर्मित होते रहता है पूर्व में एल एंड टी सिमेंट थाना नेवरा के अंतर्गत आता था कुछ वर्ष पश्चात विभाजन के बाद से थाना भाटापारा ग्रामीण के अंतर्गत चला गया था जिससे कानून व्यवस्था के कारण बार बार दुरी से बल आने जाने में तकलीफ होने के कारण आरक्षी केंद्र की नितांत आवश्यकता होने के कारण दिनांक 25-09-1995 को सुहेला में विधिवत आरक्षी केंद्र की स्थापना हुआ तथा उप तहसील कार्यालय का निर्माण सन 1997 में हुआ है।