थाना भाटापारा ग्रामीण

      भाटापारा ताहुलदार श्री जगत साव का क्षेत्र था उन्हे यह ताहुलदारी प्रभुजी भोसले से  सन 1827 में 144 ग्राम के साथ प्राप्त हुई थी उस समय इसके पुर्वी छोर मे अवरेठी, और पश्चिम मे हथनी नाम की छोटी छोटी बस्तीया थी जहा केवल मजदुर ही रहते थे। बीच में भाग-बंजर मैदान था धीरे धीरे कुछ लोग बसने लगे परिणामस्वरूप ताहुलदार ने इसका भाटापारा नामकरण किया वर्ष 1906 के पूर्व यह क्षेत्र जिला बिलासपुर में आता था तब वहा से 12 किलोमीटर ग्राम धुर्राबांधा थाना सरगांव का आउटपोस्ट था सन 1888 तक ताहुलदार की अपनी पुलिस थी जो बाद में चिथम साहब के प्रस्ताव अनुसार शासकिय पुलिस बनी चैकी में उस समय 01 प्रधान आरक्षक, 05 आरक्षक का बल तैनात था, सन 1960 में कांजी हाउस बिल्डिंग गिरवाकर उस जगह आउट पोस्ट भाटापारा स्थानांतरित किया गया और 02-03-10 का पुलिस बल स्वीकृत हुआ वर्ष 1910 में 1.59 एकड भूमि पर 3605 रूपये की लागत से वर्तमान थाना बनाया गया, ताहुलदार दिवान श्री कल्याण सिंह द्वारा 1.96 एकड भूमि शासन को प्रदाय करने पर वर्तमान थाना के परेड ग्राउण्ड का विस्तार किया गया । वर्ष 1904 में  आवास गृह बने । प्रारंभ में 145 ग्राम थें सन 1911 में बलौदाबाजार से 01 ग्राम जुडा। वर्ष 1956 में नेवरा थाना बनने पर 10 ग्राम स्थानांतरित किये गये बाद में  12 ग्राम और कट जाने पर वर्तमान में 124 ग्राम है। प्रारंभ में कुछ मुस्लिम जमात आकर बसे और चूडी बेचने का व्यापार करने लगे इन्होने 02 मस्जिदे बनाई फिर कच्छ और गुजराती आकर नमक और चावल का व्यापार किये, वर्ष 1947 में सिंधी जाति के बहुत से परिवार आकर यहां बस गये और किराना सामान की मिले लगाई। माता देवालय में बसे सन 1980 मे नागपूर कलकत्ता लाईन बन जाने से यहां के व्यापारियों की उन्नति हुई। पानी की पुर्ति के लिए दीवान श्री कल्याण सिंह ने कल्याण सागर सन 1896 मे बनवाया, सन 1906 में डाक बंगला, सन 1908 में गंज मंडी, 1919 मे हाई स्कुल व अस्पताल, सन 1942 में सरकारी गोदाम, सन 1954 में नगर पालिका, सन 1962 में विकासखण्ड, सन 1966 कालेज की स्थापना, तथा 20.12.1955 में विघुत व्यवस्था की गई, रामायण मण्डल में रामसप्ताह चालू किया वर्ष भादों कृष्ण पक्ष प्रथम में कृष्ण जन्माष्टमी तक अखंड रामनाम सप्ताह मनाया जाता है और नवमी को विशाल जूलुस लगता है वर्ष 1963 में इसकी सिल्वर जुबली मनाई गई। सन 1930 मे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का आगमन हुआ था सन 1937 में विधान सभा में स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल एवं श्री नयन दास तथा सन 1952 में लोकसभा के लिए श्री भूपेंद्र मिश्रा और गुरू अगमदास भाटापारा से निर्वाचित हुए थें वर्तमान में भाटापारा शहर की आबादी लगभग 46441 है। आबादी के साथ साथ बढते अपराधो के अलावा आये दिन कानून व्यवस्था डयुटी की समस्याओ को देखते हुए भाटापारा स्थित एक मात्र थाना व उसका बल पर्याप्त नही था क्योकि शहर एवं देहात थाना क्षेत्र का कार्य भी इसी एक मात्र थाना द्वारा किया जाता था अतः शासन ने भाटापारा शहर से भाटापारा देहात को पृथककर एक नया थाना स्थापना किया जिसका नाम ग्रामीण थाना भाटापारा है। जिसकी स्थापना दिनांक 31.03.1988 को हुई है इस थाना अंचल का उदघाटन पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पंडित श्री दिलीप आर्य द्वारा किया गया थाने का बल 01 उपनिरीक्षक, 01 सउनि, 01 प्रधान आरक्षक स्वीकृत किया गया।